कुसमी बांध में डूब मैं आई दो किलोमीटर निर्माण का एक दशक से फंसा पेंच सड़क निर्माण में बाधक बनी दो किसानों की एक एकड़ भूमि - bundelkhandvoice.com
bundelkhandvoice.com

कुसमी बांध में डूब मैं आई दो किलोमीटर निर्माण का एक दशक से फंसा पेंच सड़क निर्माण में बाधक बनी दो किसानों की एक एकड़ भूमि

Nature
Listen to this article
पीडब्ल्यूडी विभाग और जल संसाधन विभाग की गलती की सज़ा 10 वर्षो से भुगत रही 24 गाँव की जनता!!
ग्रामीणों के द्वारा सड़क निर्माण को लेकर 10 वर्षो से जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों से की जा रही मांग
ग्रामीण बोले दर्जनों गांव की जनता के आवागमन हो रही परेशानी समस्या समाधान पर नही है किसी का ध्यान

मनोहर शर्मा–/दमोह
-जबेरा और हटा विधानसभा के सैकड़ों गांव को कटनी जिले से जोड़ने वाले कम दूरी के अहम रोड़ सगरा सगोनी मार्ग कुसमी बांध पर छुटी दो किलोमीटर की सड़क बीते एक दशक से दो दर्जन से अधिक गांव के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है पटेरा तहसील के अंतर्गत ग्राम कुसमी में एक दशक पहले कुसमी तालाब निर्माण जल संसाधन के द्वारा करवाया गया था जिसमें पीडब्ल्यूडी का सगोनि सगरा मार्ग की दो किलोमीटर सड़क कुसमी तालाब के डूब क्षेत्र में आने के बाद सड़क निर्माण नही होने से 24 गांव के लोग बांध के उपर से कच्ची सड़क से दो पहिया वाहनों से खतरनाक सफर तय कर रहे है जवकि सगरा सगोनी अंचल के इस प्रमुख मार्ग की दो किलो मीटर सड़क तालाब के डूब क्षेत्र मे आने की बजह से तालाब निर्माण का विरोध ग्रामीणों के द्वारा किया गया था और तालाब निर्माण से डूब में आई इस सड़क के ऊपर से ब्रज निर्माण करवाने का आश्वाशन देकर जनता का विरोध शान्त करवाकर विना पीडब्ल्यूडी की एनओसी के जल संसाधन विभाग के द्वारा तालाब निर्माण तो करवा दिया लेकिन एक दशक का लंबा समय बीतने के बाद भी तालाब के बांध के नीचे से दो किलोमीटर की सड़क बनी और ना ही ब्रज का निर्माण हुआ ग्रामीणों का आक्रोश कम करने के लिए तात्कालिक आवागमन की व्यवस्था के लिए कुसमी बांध के ऊपर से नियम विरुद्ध मुरम गिट्टी डालकर पीडब्ल्यूडी दो किलो मीटर की बीएमडब्लू रोड का निर्माण कर दिया गया था लेकिन तालाब की बांध पर नियम विरुद्ध बनी बीएमडब्ल्यू सड़क की मरम्मत के लिए कोई बजट स्वीकृत नही होने की बजह से कोई देखरेख नही होने से सड़क पर भारी भरकम गड्डो के चलते मार्ग दुर्गंम हो गया है वही बांध के इस मार्ग से मैजिक बाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर बांध के नीचे गिरने की बजह से इस हादसे मैं दर्जनों लोगों के घायल होने पर बांध पर बनाई गई इस सड़क की गलती पर पर्दा डालने के लिए विभागीय अधिकारियों के द्वारा कुसमी तालाब की मेड के दोनों ओर चेतावनी बोर्ड लगाते हुए सिर्फ दो पहिया बाहन निकलने की अनुमति दी गई चार पहिया यात्री वसों का तालाब के बांध पर से निकलना प्रतिबन्धित कर दिया हैरानी की बात तो यह है 24 गांव के लिए कोई अन्य मार्ग नही होने की बजह से नियम विरुद्ध जान जोखिम मैं डालकर बांध पर से यात्री बाहन भारी बाहन निकलने के लिए मजबूर है!!क्योंकि इन 24ग्रामो के हजारो ग्रामीणों को मुख्य बाजार रेलवे स्टेशन पुलिस थाना स्वास्थ्य केंद्र बच्चो को स्कूल जाने जैसी मूलभूत सुविधाओ तक पहुंचने के लिए सगोनि सगरा इकलौता मार्ग है,ग़ोविन्द तिवारी ने बताया कि डूब क्षेत्र मे आई दो किलोमीटर की सड़क निर्माण की मांग को लेकर अनेको वार शासन-प्रशासन के अधिकारी कलेक्टर जल संसाधन ई पीडब्ल्यूडी ई मांग की गई है लेकिन एक दशक के बाद सड़क का निर्माण नही हुआ है क्षेत्र की जनता सड़क जैसी मूलभूत सुबिधा से बंचित है,
सुरेश यादव,जमना यादव,ने बताया कि अधिकारियों के द्वारा बांध के नीचे सड़क बनाने के लिए एक मात्र विकल्प है लेकिन 85 प्रतिशत खेतिहर भूमि पहले ही तालाब निर्माण के डूब क्षेत्र मे चली गई है शेष 15 प्रतिशत भूमि वाले दो किसानों की एक एकड़ भूमि सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित नही होने की बजह से सड़क निर्माण नही हो पा रहा है
ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के चक्कर दो विभागों की गलती की सजा भुगत रही जनता!
कुसमी तालाब के निर्माण मैं डूब क्षेत्र मे आई पीडब्ल्यूडी की दो किलोमीटर की विना एनओसी लिए तालाब निर्माण तात्कालिक ई के द्वारा दिया गया जिससे तालाब निर्माण के पहले डूब मैं आई दो किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए एक किसान की भूमि पर सहमति नही बन पाने से सड़क निर्माण का पेंच एक दशक से फंसा हुआ है हैरानी की बात तो यह है कि शासकीय निर्माण कार्य करबाने के पहले डूब क्षेत्र मे आई सड़क की एनओसी निर्माण एजेंसी को लेना अनिवार्य होती है वावजूद इसके डूब मैं आई सड़क पर तालाब निर्माण पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने कैसे करने दिया दोनों विभाग और ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए विभागीय अधिकारियों की गलती का खमियाजा 24 गांव की जनता की भुगत रही और सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की समस्या अब जिला प्रशासन के लिए गले की फांस बन गई है
इनका कहना
विधायक पीएल तंतवाय का कहना है24 गांव को सड़क सुविधा से जोड़ना मेरी प्राथमिकता है सड़क निर्माण के लिए कलेक्टर व विभागीय अधिकारियों को अनेको वार पत्र लिख चुका हूं यदि सड़क को
भूमि नहीं मिल रही है तो अन्य विकल्प ब्रज निर्माण तक करवाने की मांग कर चुका हूं

Nature

Related posts

एम्बुलेंस बचाने के दौरान ट्रक पलटा,दमोह कटनी मार्ग पर आनु-बांदकपुर रोड पर हुआ हादसा

Bundelkhand Voice

तेजगढ़/ पंद्रह दिन से चल रही निःशुल्क पुलिस फिजिकल कोचिंग सेंटर का समापन

Bundelkhand Voice

शिक्षक ने स्कूल कक्ष में फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी

Bundelkhand Voice

Leave a Comment


Designed by Reddy Infotech +91 7258040002

Ⓒ 2020 - Bundelkhand Voice. All Right Reserved.