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आदिवासी महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर,गौमूत्र और गोबर बना कमाई का जरिया

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दमोह/घोघरा ग्राम में तैयार हो रहे बरूला और कंडे चैनई,अहमदावाद सहित अन्य महानगरों में है मांग

मजरा टोला की महिलाएं गोबर से बरुला ओर हवन के कंडे तैयार करते

यूसुफ पठान दमोह

(मध्यप्रदेश)-दमोह जिले के हटा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत घोघरा स्थित मजराटोला में स्थानीय लोगों को रोजगार उपल्बध कराने के उद्देशय से एक एनजोओ की सहायता से दर्जनों महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। महिलाओं के द्वारा गोबर से बरूला और कंडे बनवा कर मजदूरी दी जाती है। उक्त कंडे और बरूला चैनई,हेदराबाद सहित अन्यमहानगरों में निर्यात किए जाते है। जिससे संस्था को दो पैसे बचते है साथ ही बेरोजगार महिलाओं को भी मजदूरी कार्य मिलने लगा हैं।
गोबर से मिला रोजगारसंस्था रामचरण कृृषि एवं पर्यावरण जनशिक्षा सेवा समिति इन्दौर एंव श्रीरामकृष्ण गौशाला समिति घोघरा के माध्यम से आदिवासी क्षेत्र के के लोगों को आत्म निर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है संस्था द्वारा गोबर के प्रोडक्ट बनवाकर रोजगार उपलब्ध करा रही है। सस्था के डायरेक्टर राज गुप्ता के अनूसार होली के लिए बरूला,एवं हवन क े लिए गौमूत्र एंव गोवर से कंडे तैयार कराए जा रहे है साथ ही गणेश और दुर्गा जी की मूर्तियों का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है।
इस में जहां इन बेरोजगार महिलाओं को दो पैसा की आय होगी वहीं दूसरा बड़ा फायदा भी होगा अवारा मवेशियों को लोग घर पर रखने जागरूक होगें क्योंकि जब उन्हें समझ आयगा की इनसे दूध भले ना मिले लेकिन मूत्र-गोबर भी उपयोगी है अगर एक मवेशी से पचास रूपए का गोवर भी प्राप्त होगा तो चार-पांच मवेशियों के गोबर से एक व्यक्ति की मजदूरी निकलेगी। जिसके चलते आवारा मवेशियों को भी लोग रखने लगेगें यही सस्था का उद्देेश्य है।

दरअसल वनांचल क्षेत्र के घोघरा गांव में रोजगार का आभाव है पंचायत स्तर पर रोजगार नहीं होने से यहां के लोग आर्थिक परेशानी से जूझ रहे है। दूसरी और पारंपरिक लकड़ी बैचकर दो वक्त की रोटी की जुगाड़ करने वाले परिवार जंगल की सीमा पन्ना टाइगर रिजर्व के आधीन होने से लकड़ी के व्यापार पर भी ब्रेक लग गया है जिसके चलते यहां के लोग पूरी तरह मजदूरी पर आश्रित है। गोबर के बरूला और कंडे बना कर यहां दर्जनों महिलाए मजदूरी कार्य में लगी हुई है जिसके चलते महिलए खुश है महिलाओं का कहना है अभी नया काम शुरू किया है धीरे धीरे काम की गति बड़ रही है ।

 

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